कुछ चीजें जो बढ़ सकती है और उसमे कई गुना तक बदलाव होता है, उसे जीवन माना जाता है। हम जीवन की कई किस्मों से घिरे हुए है, लेकिन उनमें से मानव जीवन इन सबमें प्रमुख और सबसे अधिक गुणों वाला है। इस ग्रह पर मनुष्य में अन्य जीवन को प्रभावित करने की शक्ति है। जो कुछ आज, अभी और इस क्षण है - वह जीवन का सच है और बाकी सब मित्थ्या है।

चुप कराए गए सच

यह कविता उस दौर की सच्चाई दिखाती है जहाँ झूठ माइक लेकर खड़ा है और सच धीरे बोलने को मजबूर है। शोर के बीच सच्चाई दब जाती है, पर इतिहास अंततः वही याद रखता है।

सफलता एक ऐसी चीज है जिसे हम अपने जीवन के लक्ष्य प्राप्ति के रूप में परिभाषित करते है। सफलता वह चीज है, जो जीवन में हम पाना चाहते है। असली सफलता केवल अच्छे काम करने में है और बुरे कामों में कोई सफलता नहीं होती है। हमें अपने सपने साकार करने के लिए कड़ी मेहनत और अपने समय का सही उपयोग करने की जरूरत है।

🔥बदतमीज़ आदमी से बहस मत करना

समझदारी की पहचान यही है कि इंसान हर बात पर बहस नहीं करता। शांति और संयम से बहुत कुछ हासिल किया जा सकता है। हर लड़ाई लड़ना ज़रूरी नहीं—कभी-कभी छोड़ देना ही असली ताकत और आत्मसम्मान की निशानी होता है…

लोग टूटते तब हैं जब कोई देख नहीं रहा होता

मानव मन अक्सर अपने दर्द को छिपाकर रखता है। लोग तब सबसे अधिक टूटते हैं जब वे अकेले होते हैं, क्योंकि समाज में मज़बूत दिखने का दबाव उन्हें अपनी कमजोरियाँ व्यक्त नहीं करने देता।

मौन को सबसे बड़ा उत्तर क्यों माना गया?

मौन को सबसे बड़ा उत्तर इसलिए माना गया क्योंकि यह अहंकार से मुक्त होता है। जहाँ शब्द सीमित हो जाते हैं, वहाँ मौन सत्य, समझ और गहराई को बिना विकृति के प्रकट करता है।

साहस

करके दुगुना हौंसला,मंज़िल को ही साध,वापस आधे सफ़र से,होना है अपराध !!सिर्फ एक कदम औरगाँव का एक छोटा-सा लड़का नामक वीर, बहुत ही सामान्य...

जब दिशा गलत हो, तो मेहनत भी थका देती है

असफलता अक्सर मेहनत की कमी से नहीं, बल्कि गलत दिशा, अस्पष्ट लक्ष्य, मानसिक अवरोध, रणनीति की कमी और समय के साथ सीखकर खुद को न बदल पाने की वजह से होती है।

आदत किसी प्राणी के उस व्यवहार को कहते हैं, जो बिना अधिक सोच के बार-बार दोहराया जाये। मानवों में धूम्रपान एक आदत का उदाहरण है। अच्छी आदतें जीवन को बेहतर और सफल बनाने के लिए बहुत आवश्यक होती है। यह केवल उनके लिए फायदेमंद नही होता जो इनका पालन करते है। बल्कि ये आपके आस-पास दूसरे लोगों के लिए भी बहुत अच्छा होता है।

विशेष कलाकार

रबीन्द्रनाथ टैगोर

कवि

रबीन्द्रनाथ टैगोर (७ मई, १८६१ – ७ अगस्त, १९४१) - विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के नोबल पुरस्कार विजेता हैं। उन्हें गुरुदेव के नाम से भी जाना जाता है। बांग्ला साहित्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नयी जान फूँकने वाले युगदृष्टा थे। वे एशिया के प्रथम नोबेल पुरस्कार सम्मानित व्यक्ति हैं। वे एकमात्र कवि हैं जिसकी दो रचनाएँ दो देशों का राष्ट्रगान बनीं - भारत का राष्ट्र-गान 'जन गण मन' और बाँग्लादेश का राष्ट्रीय गान 'आमार सोनार बांङ्ला' गुरुदेव की ही रचनाएँ हैं।