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हम आशा करते है की, आप हमारी वेबसाइट पर मौजूद प्रेरणा विचारो से अपने जीवन को और सार्थक बना पाएंगे।

दोस्तों, हमारे मन में हर तरह के नकारात्मक विचार स्वतः आते रहतें हैं। इनको हटाना बहूत ज़रूरी है। ये नकारामक विचार केवल अच्छे सकारात्मक विचारों से ही हट सकतें हैं। इसीलिए हम आपके लिए यहाँ कुछ अच्छे अनमोल विचारों का संग्रह प्रस्तुत कर रहें हैं। हम लगातार इस पेज में नए प्रेरणा विचारों को जोड़तें रहेंगे। हमारी टीम रोज नए प्रेरणा विचारो को जोड़ती है, आपके लिए। आप इन विचारो और इनके साथ जुड़े चित्र को ध्यान से देखिये, ये चित्र भी प्रेरणा श्रोत है। उम्मीद है की, आप इस पेज का उपयोंग करेंगे और सकारात्मक और उर्जावान बनेगें।

नवीनतम कोट्स एवम कविता

कोशिश

निश्चित नहीं जीत हर बार कोशिश करने में क्या जाता है, हार के डर से, किनारे बैठ क्यों ख्वाबो...

नशा हो या प्यार

नशा हो या प्यार हो आखिर में बर्बाद ही करेगा, बिना मंजिल की राह अगर हो, आखिर में, जीवन...

अलग रास्ता

मैं कभी भीड़ में नहीं चला मुझे मालूम था मैं उसमे कभी चल ना पाउँगा, उस गुथम-गुथे में, दब जाएगी मेरी चाल तभी मैंने...

झूठ

झूठ आज इस मक़ाम पर ऐसे नहीं पंहुचा, क्युकी सत्य चलता है बहुत धीरे, उसके चाहने वाले होते है कमझूठ का तो बाजार...

जीवन की परिभाषा

जीवन की परिभाषा मैं क्या जानु, रहा जो साथ में मेरे अँधेरे में उसकी परछाई मैं क्या जानु,जो खेल रहा था जीवन...

अभागा जीवन

बहुत बेशर्म होकर मैंने जिया ये जीवन, पूरा जीवन निकल गया भीख में बस, भीख में जिया जीवन भीख में खाया भोजन, भीख में...

बाजार

बाजार में यूँ ही निकल जाता हूँ मैं, कुछ खरीदने नहीं बाजार का हाल लेने, इन बाजारो में मुझे जीवन और उसके संघर्ष की...

ओ प्रिया

ओ प्रिया मुझे तू फुंक दे आज जला कर राख कर अरमानो का भस्म करो मेरे झूठे अभिमानो का, दिला दे मुक्ति हर जाल...

ईश्वर

क्या तुमने देखा है बादलों को बूंदो में बदलते, क्या तुमने देखा है उन विशाल हाथो को जो बादलो को घुमाता है छितिज़ के...

जल चक्र

जल का ये चक्र चलता ही रहेगा बारिस की बूंदो से होकर धुप में जल के वास्प में बदल कर, यूँ ही ये चक्र...

ऐसा मन

इतना कुछ था दुनिया में लड़ने झगड़े को, पर ऐसा मन मिला की ज़रा से प्यार में डूबा रहा और जीवन बीत गया…

जिंदगी जीना

जिंदगी को जीना आसान नहीं होता, जिंदगी को जीना आसान बनाना पड़ता है - कुछ सब्र कर के, कुछ बर्दास्त कर के, और बहुत...

प्रियतम – भाग २

फिर सुबह जब ऊपर आया पुनः उसको ऊपर पाया, सहमी वो थोड़ी फिर उसके मुस्कुराते, उजाला आया, आकर खड़ी हुई वो निरकुंड के पास...

सारा जीवन

हम तो सारा का सारा लेंगे जीवन 'कम से कम' वाली बात, जमती नहीं हम पर…- श्रीकांत शर्मा

प्रियतम – भाग १

आज प्रिये, बादल की घनेरी तुम्हारी फिर याद दिला रही है सोए हुए तूफान को जगा रही है, क्योकि, इन्ही बदलो के बीच तुम...

मेरा मोह

सब में कुछ ना कुछ कमी होती है, मुझमे भी है, तेरी कमी तुमसे दुरी ही जैसे बन जाती है, मेरा मोह...- श्रीकांत शर्मा

इंतजार

इंतजार करना बंद करो क्योंकि सही समय कभी नहीं आता, आप सफलता नहीं प्राप्त कर सकते तब तक आप में असफल होने...

खोखला जीवन

खोखला जीवन, खोखली आश खोखला दम, खोखला विश्वास खोखले रिश्ते, खोखली प्यास खाली दारू के बोतल सा खोखला, सब खाली होगा, एक एक...

विशेष कलाकार

रबीन्द्रनाथ टैगोर

कवि

रबीन्द्रनाथ टैगोर (७ मई, १८६१ – ७ अगस्त, १९४१) - विश्वविख्यात कवि, साहित्यकार, दार्शनिक और भारतीय साहित्य के नोबल पुरस्कार विजेता हैं। उन्हें गुरुदेव के नाम से भी जाना जाता है। बांग्ला साहित्य के माध्यम से भारतीय सांस्कृतिक चेतना में नयी जान फूँकने वाले युगदृष्टा थे। वे एशिया के प्रथम नोबेल पुरस्कार सम्मानित व्यक्ति हैं। वे एकमात्र कवि हैं जिसकी दो रचनाएँ दो देशों का राष्ट्रगान बनीं - भारत का राष्ट्र-गान 'जन गण मन' और बाँग्लादेश का राष्ट्रीय गान 'आमार सोनार बांङ्ला' गुरुदेव की ही रचनाएँ हैं।

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