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दिमाग में दो घोड़े

मनुष्य के दिमाग में दो घोड़े दौडते है, एक Negative और दूसरा Positive जिसको ज्यादा खुराक दी जाये - वही जीतता है …नारियल का जन्म - हिंदी कहानीप्राचीन काल में सत्यव्रत नाम के एक राजा राज करते थे। वह प्रतिदिन पूजा-पाठ किया करते थे। उनके पास किसी भी चीज की कमी नहीं थी। वह...

झूठी कसमे

तेरी खाई हुई झूठी कसमे, जान मुझे, अक्सर बीमार रखती है…जो होता है वह अच्छे के लिए होता है - हिंदी कहानीएक बार की बात है, एक राजा तलवारबाजी कर रहा था तो अचानक से उसके अंगुली में कट लग गया। तो पास खड़े मंत्री अचानक बोल उठे, “राजा साहब चिंता ना करें।...

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बच्चों के – मजाकिया चुटकुले

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मनुष्य के दिमाग में दो घोड़े दौडते है, एक Negative और दूसरा Positive जिसको ज्यादा खुराक दी जाये - वही जीतता है …नारियल का जन्म - हिंदी कहानीप्राचीन काल में सत्यव्रत नाम के एक राजा राज करते थे। वह प्रतिदिन पूजा-पाठ किया करते थे। उनके पास किसी भी चीज की कमी नहीं थी। वह धन दौलत से लेकर हर प्रकार की सुविधा से समृद्ध थे। हालांकि, इसके बावजूद भी राजा की एक अभिलाषा थी, जिसे वह पूर्ण की चाह रखते थे। दरअसल, राजा सत्यव्रत को किसी प्रकार से स्वर्गलोक जाने की इच्छा थी। वह अपने जीवन में कम से कम एक बार स्वर्गलोक के सौंदर्य को देखना चाहते थे, लेकिन उन्हें इसका मार्ग नहीं पता था।इधर, दूसरी तरफ ऋषि विश्वामित्र अपनी तपस्या के लिए घर से बाहर निकले। चलते-चलते वह अपनी कुटिया से काफी आगे चले गए थे। काफी समय बीत गया लेकिन वह नहीं लौटे। इस कारण उनका परिवार भूख और प्यास से तड़प रहा था। राजा सत्यव्रत को जब यह पता चला तो उन्हें ने ऋषि विश्वामित्र के परिवार के पालन पोषण की जिम्मेदारी ले ली।कुछ समय बाद जब मुनिवर लौटे तो वे अपने परिवार को कुशल देख काफी प्रसन्न हुए। उन्होंने पूछा कि उनकी अनुपस्थिति में किसने उनकी देखभाल की? इसपर ऋषि के परिवार वालों ने बताया कि राजा ने उनके पालन पोषण की जिम्मेदारी उठाई थी। यह सुनकर ऋषि विश्वामित्र तुरंत राजमहल पहुंचे और राजा से मुलाकात की।वहां पहुंचकर उन्होंने सबसे पहले महाराज को धन्यवाद कहा। इस पर राजा ने ऋषि अपनी इच्छा पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगा। राजा की...
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